Sritunjay World: भूतिया ट्रेन

भूतिया ट्रेन

"क्या आपने कभी ऐसी ट्रेन के बारे में सुना है... जो बिना इंजन के चलती है?



जिसके यात्री ज़िंदा नहीं... आत्माएँ होती हैं...?

आज हम आपको लेकर चलेंगे एक ऐसी रहस्यमयी रात की ओर, जब अर्जुन नाम का युवक एक भूतिया ट्रेन में चढ़ गया..."


[ स्टेशन की शुरुआत हुई]


( पुराना स्टेशन, कुत्तों के भौंकने की आवाज़, धुंध)



"ये है 'शिवपुर जंक्शन'... एक स्टेशन जहाँ से पिछले 20 सालों में कोई ट्रेन नहीं गुज़री।

मगर हर साल, एक ही तारीख़ को... रात के ठीक 12 बजे... एक ट्रेन ज़रूर आती है..."


(अर्जुन का कैमरा ऑन था)


अर्जुन (कैमरे में):

"दोस्तों, मैं अर्जुन... और आज मैं यहाँ हूँ एक भूतिया ट्रेन को देखने।

कहते हैं जो इस ट्रेन में चढ़ा... वो फिर कभी वापस नहीं लौटा।"




(हवा चलती है, सीटी की आवाज़ आती है, स्टेशन लाइट्स फड़फड़ाती हैं)



"अर्जुन ने सोचा था ये सब अफवाहें हैं... मगर आधी रात को अचानक प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर ट्रेन की सीटी गूंजी।"


(अर्जुन चौककर देखता है)


अर्जुन (डरते हुए):

"ये क्या... ट्रेन तो सच में आ रही है... मगर कोई इंजन नहीं है!"




(अर्जुन ट्रेन में घुसता है, कैमरा हिल रहा है, अजीब ध्वनि)


अर्जुन:

"कोई है...? ये... सीटों पर लोग बैठे हैं... लेकिन इनका चेहरा नहीं है!"


( एक महिला बिना चेहरा लिए सामने आती है)


भूतिया महिला (धीमे, गूंजते स्वर में):

"तू लौट क्यों नहीं जाता...? ये हमारी ट्रेन है... हम सब मर चुके हैं..."


( अर्जुन चीखते हुए बाहर भागता है)




(अर्जुन प्लेटफॉर्म पर गिरता है, ट्रेन गायब होती है)


चौकीदार:

"तू लौट आया बेटा... बहुत कम लोग हैं जो उस ट्रेन से जिंदा लौटते हैं।"




(अर्जुन यूट्यूब वीडियो बनाते हुए,)


 (धीमी आवाज़ में):

"मैं तो लौट आया... लेकिन अब हर रात उस ट्रेन के सपने आते हैं।

और अब... वो सपनों में भी मुझे बुला रही है..."





"अगर आपको ये कहानी डरावनी लगी हो...

तो अगली बार जब किसी वीरान स्टेशन से कोई ट्रेन गुज़रे...

ज़रा सोच लेना वो ट्रेन किसकी हो सकती है।"